Anupama: वनराज ने फिर से अनुपमा का सबके सामने बनाया मजाक, करीब आते दिखेगें नंदिता और तपिश!

Anupama: अनुपमा में आज के एपिसोड में यानी कि 21 अगस्त को कहानी की एक नई शुरुआत होती हुई दिखाई देगी। जब अनुज और अनुपमा एक साथ बैठे होंगें और बातें कर रहे होंगें कि आगे आने वाली मुश्किलों का कैसे सामना किया जाएगा, तब वो दोनों कुछ पुरानी यादों को याद कर उसी में खो जाएंगें। अनुपमा बोलेगी कि स्कूल के समय में वे हमेशा पेन को घुमाया करती
Sachidananda Patro

Anupama: अनुपमा में आज के एपिसोड में यानी कि 21 अगस्त को कहानी की एक नई शुरुआत होती हुई दिखाई देगी। जब अनुज और अनुपमा एक साथ बैठे होंगें और बातें कर रहे होंगें कि आगे आने वाली मुश्किलों का कैसे सामना किया जाएगा, तब वो दोनों कुछ पुरानी यादों को याद कर उसी में खो जाएंगें। अनुपमा बोलेगी कि स्कूल के समय में वे हमेशा पेन को घुमाया करती थी तो अनुज कहेगा कि उसके हाथ में हमेशा एक स्पिनर रहता था। इधर मीनू और उसकी दोस्त बात कर रहे होंगें कि हॉस्टल के खराब खाने से तंग आ चुकी है, लेकिन कर भी क्या ही सकते हैं खाना बनाने की परमिशन जो कॉलेज में नहीं है।

अनुज-अनुपमा का देगा साथ खाने का ठेला लगाने में

इधर अनुज और अनुपमा मीनू की बातें सुन लेंगें और अनुपमा चिंता में आ जाएगी कि हॉस्टल के बच्चे कितना परेशान हैं न ही उन्हें स्वादिष्ट खाना मिल पा रहा है और न ही हेल्थी। ऐसे में उसके माइंड में एक आईडिया फ्लिप करेगा कि क्यों न मेडिकल कॉलेज के बाहर ही खाने का ठेला लगाया जाए। आगे सोचेगी कि घर में पैसे भी आ जाएंगें और बच्चों को घर जैसे खाना मिल पायगा। फिर अनुपमा अपने इस प्लान को अपने पास ही नहीं रखेगी बल्कि आश्रम में सबसे राय जानने कि कोशिश करेगी। अनुपमा के इस आईडिया को सुन आश्रम में रहने वाले लोग काफी ज्यादा खुश हो जाएंगें।

एक बार फिर से नंदिता और तपिश के बीच दिखेगा रोमांस

एक तरफ डिंपल ने तपिश से जो कुछ भी कहा उसे सुन तपिश काफी उदास हो गया और घर छोड़ने का फैसला किया। अब गुस्से और डिंपल की बातों से परेशान तपिश अपने पैरों को कील के पास रखने वाला होगा ही कि उसे नंदिता हाथ पकड़ के रोक लेगी। फिर दोनों हंसी मजाक करना शुरू कर देंगें। नंदिता काफी अच्छे से तपिश की भावनाओं को समझ पाएगी क्योकि वो उसी टॉक्सिक रिलेशनशिप से निकली है।

 

अनुपमा और वनराज की फिर होगी झड़प

जब घर वापस आते समय डिंपल तपिश और नंदिता को एक-साथ देखेगी तो एक के बाद एक आरोप-प्रत्यारोप लगाना शुरू कर देगी। वे नंदिता से कहेगी तुम मेरे पति को मुझ से छीनना चाहती हो। तब पाखी भी डिंपल का साथ देते हुए कहेगी कि हाँ मैनें दोनों को एक-साथ हँसते हुए देखा है। इस बीच तपिश सफाई देने की कोशिशें भी करेगा लेकिन ये दोनों किसी की नहीं सुनेंगी।

इधर देखने को मिलेगा कि अनुपमा अपने काम को शुरू करती है तो ठेले के पास से वनराज और पाखी गुजर रहे होते हैं। तो दोनों उसका मजाक उड़ाना शुरू कर देते हैं, लेकिन अनुपमा उनकी बातों पर ध्यान नहीं देगी और अपनी जगह पर डटी रहेगी और काम करती रहेगी।


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